//भले ही एक की उम्र शादी योग्य ना हो फिर भी सुरक्षा पाने का हकदार है ‘Live-in कपल’

भले ही एक की उम्र शादी योग्य ना हो फिर भी सुरक्षा पाने का हकदार है ‘Live-in कपल’

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण ने की टिप्पणी


HC का बड़ा फैसला: भले ही एक की उम्र शादी योग्य ना हो फिर भी सुरक्षा पाने का हकदार है ‘Live-in कपल’

चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) की तरफ से एक मामले की सुनवाई के दौरान लिव इन रिलेशनशिप (Live-in-Relationship) में रहने वाले कपल्स की सुरक्षा को लेकर एक विशेष टिप्पणी की गई है, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है। कोर्ट की तरफ से की गई इस टिप्पणी में साफ किया गया है कि घर से भागा प्रेमी जोड़ा कोर्ट से सुरक्षा पाने का अधिकारी है भले ही जोड़े में से एक की उम्र शादी के योग्य ना हुई हो तो भी सुरक्षा पाना इनका हक बनता है। लिव-इन में रह रहे कपल को भी सुरक्षा पाने का अधिकार है। गुरदासपुर (Gurdaspur) निवासी मनदीप कौर उसके प्रेमी द्वारा सुरक्षा की मांग को लेकर दाखिल की गई याचिका का निपटारा करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण ने यह टिप्पणी की।

अभी शादी करने योग्य नहीं हुआ है लड़का

जिस मामले में कोर्ट की तरफ से यह टिप्पणी की गई है उसमें घर से भागे लड़के की उम्र 20 साल 6 माह और लड़की की उम्र 20 साल थी दोनों ने कोर्ट में एक दूसरे से प्यार करने का दावा किया है। प्रेमी जोड़े की तरफ से कोर्ट में इस बात का दावा किया गया है कि वह दोनों अपने माता-पिता द्वारा पैदा की गई परिस्थितियों से मजबूर होकर कोर्ट के दरवाजे पर आए हैं। प्रेमी जोड़े के अनुसार विपक्ष को है और अपने अच्छे और बुरे के बारे में सोच सकते हैं। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों ने बेंच को बताया कि उन्होंने 20 सितंबर को पंचकूला में विवाह किया था। वही जस्टिस अरुण ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि दोनों का विवाह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत मान्य नहीं है लेकिन यह बात मुद्दा नहीं है। उनको जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता भले ही उनका रिश्ता अमान्य क्यों ना हो।

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अदालत की तरफ से आगे कहा गया कि भले ही हम विवाह हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 5 का उल्लंघन है की वर्तमान मामले में याचिका दायर करने वाला लड़का विवाह योग्य 21 साल की आयु नहीं रखता है इसके बावजूद भी वह लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा है लेकिन दोनों अपने जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करने के हकदार हैं। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए जिला गुरदासपुर की पुलिस प्रमुख को इस मामले में आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता जुड़े द्वारा सुरक्षा की मांग के आवेदन पर जांच कर उचित निर्णय लेकर उनकी जान-माल की रक्षा करें। गौरतलब है कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत शादी के लिए लड़के की उम्र 21 साल और लड़की की उम्र 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए।

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