//Iit Roorkee Alumni Association Letter To Pm Narendra Modi For Recruitment Of Indian Railways Management Service Officers – अब आईआईटी रुड़की की आंखों में रड़की सिविल सेवा परीक्षा, पीएम को भेजा पत्र, खतरों से चेताया

Iit Roorkee Alumni Association Letter To Pm Narendra Modi For Recruitment Of Indian Railways Management Service Officers – अब आईआईटी रुड़की की आंखों में रड़की सिविल सेवा परीक्षा, पीएम को भेजा पत्र, खतरों से चेताया

सरोज पाठक, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

Updated Fri, 16 Oct 2020 07:21 PM IST

आईआईटी रुड़की (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला

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आईआईटी रुड़की की आईआईटीआर एल्युमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) बिशम्बर सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर एतराज जताया है। पीएम को भेजे पत्र में कहा गया है कि सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स से समझौता करना घातक होगा। गौरतलब है कि अब केंद्र सरकार ने रेलवे सेवाओं के ग्रुप ए आईआरएमएस अधिकारियों की भर्ती को संघ लोक सेवा की बजाय सिविल सेवा परीक्षा के जरिए करने का फैसला लिया है।

यही वजह है कि अब आईआईटीआर एल्युमनी एसोसिएशन ने भी इस कवायद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रुड़की के आईआईटियन ने तथ्यों के आधार पर सवाल उठाया है कि यह कहां का तर्क है कि इंजीनियरों के अहम पदों पर वो लोग आएं जिनकी सब्जेक्ट च्वाइस आर्टस, कॉमर्स और हिस्ट्री-लिटरेचर रही हो। जबकि संस्थान दशकों से सब्जेक्ट विशेष के हीरे तराश कर रेलवे को नई राहें  तलाश कर देने का स्वर्णिम इतिहास सहेजे हुए है।

पत्र में यह भी चेताया दिया गया है कि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण के दौर में सबको दौड़ाने का यह दौर घातक भी हो सकता है। सरकारी क्षेत्र में फिलहाल जरूरत है इंजीनियरिंग फील्ड के एक्सपर्ट्स की न कि एडजस्टमेंट्स की। तकनीकी प्रबंधन पर संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि इन हालात में ब्रेन ड्रेन का खतरा भी ज्यादा है।

पत्र में कहा गया है कि जाहिर सी बात है कि जब वोकल फॉर लोकल की बात हो रही है तो सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स पर भी यही सोच होनी चाहिए। पत्र में कहा गया है कि स्पेसिफिक फील्ड के एक्सपर्ट अगर दरकिनार होंगे तो इनको अपना किनारा विदेशों में अपनी सेवाएं देकर तलाशना होगा। प्रतिभाओं का विदेशों में पलायन होगा और देश इनकी उत्कृष्ट सेवाओं का लाभ नहीं ले पाएगा।

प्रतिभा पलायन के खतरे को देखते हुए यह जरूरी है कि प्रतिभा चयन के जरिये में ऐसे बदलाव न किए जाएं जिनसे मोहभंग की परिस्थितियां बनें। अभी रुड़की की आंखों में यह फैसला चुभ रहा है कल को इसका दायरा बढ़ा तो आक्रोश भी बढ़ेगा।

आईआईटी रुड़की की आईआईटीआर एल्युमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) बिशम्बर सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर एतराज जताया है। पीएम को भेजे पत्र में कहा गया है कि सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स से समझौता करना घातक होगा। गौरतलब है कि अब केंद्र सरकार ने रेलवे सेवाओं के ग्रुप ए आईआरएमएस अधिकारियों की भर्ती को संघ लोक सेवा की बजाय सिविल सेवा परीक्षा के जरिए करने का फैसला लिया है।

यही वजह है कि अब आईआईटीआर एल्युमनी एसोसिएशन ने भी इस कवायद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रुड़की के आईआईटियन ने तथ्यों के आधार पर सवाल उठाया है कि यह कहां का तर्क है कि इंजीनियरों के अहम पदों पर वो लोग आएं जिनकी सब्जेक्ट च्वाइस आर्टस, कॉमर्स और हिस्ट्री-लिटरेचर रही हो। जबकि संस्थान दशकों से सब्जेक्ट विशेष के हीरे तराश कर रेलवे को नई राहें  तलाश कर देने का स्वर्णिम इतिहास सहेजे हुए है।

पत्र में यह भी चेताया दिया गया है कि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण के दौर में सबको दौड़ाने का यह दौर घातक भी हो सकता है। सरकारी क्षेत्र में फिलहाल जरूरत है इंजीनियरिंग फील्ड के एक्सपर्ट्स की न कि एडजस्टमेंट्स की। तकनीकी प्रबंधन पर संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि इन हालात में ब्रेन ड्रेन का खतरा भी ज्यादा है।

पत्र में कहा गया है कि जाहिर सी बात है कि जब वोकल फॉर लोकल की बात हो रही है तो सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स पर भी यही सोच होनी चाहिए। पत्र में कहा गया है कि स्पेसिफिक फील्ड के एक्सपर्ट अगर दरकिनार होंगे तो इनको अपना किनारा विदेशों में अपनी सेवाएं देकर तलाशना होगा। प्रतिभाओं का विदेशों में पलायन होगा और देश इनकी उत्कृष्ट सेवाओं का लाभ नहीं ले पाएगा।

प्रतिभा पलायन के खतरे को देखते हुए यह जरूरी है कि प्रतिभा चयन के जरिये में ऐसे बदलाव न किए जाएं जिनसे मोहभंग की परिस्थितियां बनें। अभी रुड़की की आंखों में यह फैसला चुभ रहा है कल को इसका दायरा बढ़ा तो आक्रोश भी बढ़ेगा।



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I am a doctor from Himachal. settled outside Himachal and hungry for news about Himachal.