//जिले की सबसे बड़ी नप बिलासपुर में भाजपा ने किया कब्जा

जिले की सबसे बड़ी नप बिलासपुर में भाजपा ने किया कब्जा

बिलासपुर नगर परिषद चुनाव में वार्ड़ नम्बर 1 1 में सोशल डिस्टेंसिंग की अवहेलना करते हुए।
– फोटो : BILASPUR

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

बिलासपुर। नगर निकाय चुनावों में जिला की सबसे बड़ी नप बिलासपुर में भाजपा ने 11 में से 7 वार्ड अपने नाम किए हैं। चुनावों का परिणाम आते ही भाजपा के कार्यकर्ताओं ने ढोल बजाकर और पटाखे चलाकर अपनी जीत की खुशी जाहिर की। लेकिन इस चुनाव में भाजपा के जिला महामंत्री को हार का सामना करना पड़ा। वहीं हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए कमलेंद्र कश्यप ने जीत हासिल कर नप अध्यक्ष की कुर्सी की तरफ अपना कदम बढ़ाया है।
बिलासपुर वार्ड नंबर-1 से भाजपा समर्थित नरेश देवी देवी ने कांग्रेस की अलका को 77 मत से पराजित किया। वहीं वार्ड नंबर दो से भाजपा की संतोष जोशी ने कांग्रेस समर्थित सीमा देवी को 397 मत से पराजित किया। वार्ड नंबर 3 से भाजपा समर्थित कमलेंद्र कश्यप ने कांग्रेस समर्थित वीरदीन को 84 मत से हराया। वार्ड नंबर 4 से भाजपा समर्थित नीतू मिश्रा ने आजाद उम्मीदवार राजपाल को 142 मतों से हराया। वहीं वार्ड नंबर 5 से भाजपा समर्थित वीना पंडित ने कांग्रेस समर्थित शिप्रा गौतम को 184 मतों से हराया। इसके अलावा वार्ड नंबर 6 से कांग्रेस समर्थित अजय कुमार ने भाजपा समर्थित गोगिंद्र को 75 मत से पराजित किया। वार्ड नंबर 7 से भाजपा समर्थित कमल गौतम ने कांग्रेस की मीरा भोगल को 356 मतों से हराया। वार्ड नंबर 8 से भाजपा समर्थित सोनिया ने कांग्रेस समर्थित रजनी को 44 मतों से मात दी। वार्ड नंबर 9 से कांग्रेस समर्थित ज्योति ने भाजपा समर्थित शुभांगी को 50 मत से हराया। वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस समर्थित मनोज कुमार ने भाजपा समर्थित रितेश मेहता को 278 मतों से मात दी। वार्ड नंबर 11 से कांग्रेस समर्थित नवीन कुमार ने भाजपा के जिला महामंत्री आशीष ढिल्लो को टक्कर देकर 167 मतों से हार का स्वाद चखाया।
इनसेट
कमलेंद्र ने जारी रखा जीत का रिकॉर्ड
पिछले 25 वर्षों से बिलासपुर नप में बतौर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीत हासिल करते आ रहे कमलेंद्र कश्यप ने भाजपा में आने के बाद भी अपना जलवा बरकरार रखा। बेहतर छवि बनाने वाले कमलेंद्र पर पार्टी छोड़ने के बाद भी लोगों ने अपना भरोसा बनाए रखा और उन्हें जीत हासिल हुई। इस जीत के साथ ही कश्यप ने नप के अध्यक्ष की कुर्सी की तरफ अपने कदम बढ़ा लिए हैं।
इनसेट
कांग्रेस की गुटबाजी बनी हार का कारण
नप बिलासपुर में दो धड़ों में बंटी कांग्रेस का भाजपा को सीधे फायदा मिला। अगर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर कांग्रेस ने यह चुनाव लड़ा होता तो नप बिलासपुर पर कांग्रेस का कब्जा होता। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी कांग्रेस को ले डूबी।

बिलासपुर। नगर निकाय चुनावों में जिला की सबसे बड़ी नप बिलासपुर में भाजपा ने 11 में से 7 वार्ड अपने नाम किए हैं। चुनावों का परिणाम आते ही भाजपा के कार्यकर्ताओं ने ढोल बजाकर और पटाखे चलाकर अपनी जीत की खुशी जाहिर की। लेकिन इस चुनाव में भाजपा के जिला महामंत्री को हार का सामना करना पड़ा। वहीं हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए कमलेंद्र कश्यप ने जीत हासिल कर नप अध्यक्ष की कुर्सी की तरफ अपना कदम बढ़ाया है।

बिलासपुर वार्ड नंबर-1 से भाजपा समर्थित नरेश देवी देवी ने कांग्रेस की अलका को 77 मत से पराजित किया। वहीं वार्ड नंबर दो से भाजपा की संतोष जोशी ने कांग्रेस समर्थित सीमा देवी को 397 मत से पराजित किया। वार्ड नंबर 3 से भाजपा समर्थित कमलेंद्र कश्यप ने कांग्रेस समर्थित वीरदीन को 84 मत से हराया। वार्ड नंबर 4 से भाजपा समर्थित नीतू मिश्रा ने आजाद उम्मीदवार राजपाल को 142 मतों से हराया। वहीं वार्ड नंबर 5 से भाजपा समर्थित वीना पंडित ने कांग्रेस समर्थित शिप्रा गौतम को 184 मतों से हराया। इसके अलावा वार्ड नंबर 6 से कांग्रेस समर्थित अजय कुमार ने भाजपा समर्थित गोगिंद्र को 75 मत से पराजित किया। वार्ड नंबर 7 से भाजपा समर्थित कमल गौतम ने कांग्रेस की मीरा भोगल को 356 मतों से हराया। वार्ड नंबर 8 से भाजपा समर्थित सोनिया ने कांग्रेस समर्थित रजनी को 44 मतों से मात दी। वार्ड नंबर 9 से कांग्रेस समर्थित ज्योति ने भाजपा समर्थित शुभांगी को 50 मत से हराया। वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस समर्थित मनोज कुमार ने भाजपा समर्थित रितेश मेहता को 278 मतों से मात दी। वार्ड नंबर 11 से कांग्रेस समर्थित नवीन कुमार ने भाजपा के जिला महामंत्री आशीष ढिल्लो को टक्कर देकर 167 मतों से हार का स्वाद चखाया।

इनसेट

कमलेंद्र ने जारी रखा जीत का रिकॉर्ड

पिछले 25 वर्षों से बिलासपुर नप में बतौर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीत हासिल करते आ रहे कमलेंद्र कश्यप ने भाजपा में आने के बाद भी अपना जलवा बरकरार रखा। बेहतर छवि बनाने वाले कमलेंद्र पर पार्टी छोड़ने के बाद भी लोगों ने अपना भरोसा बनाए रखा और उन्हें जीत हासिल हुई। इस जीत के साथ ही कश्यप ने नप के अध्यक्ष की कुर्सी की तरफ अपने कदम बढ़ा लिए हैं।

इनसेट

कांग्रेस की गुटबाजी बनी हार का कारण

नप बिलासपुर में दो धड़ों में बंटी कांग्रेस का भाजपा को सीधे फायदा मिला। अगर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर कांग्रेस ने यह चुनाव लड़ा होता तो नप बिलासपुर पर कांग्रेस का कब्जा होता। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी कांग्रेस को ले डूबी।



Source link

I am a doctor from Himachal. settled outside Himachal and hungry for news about Himachal.