//जिले में 235 स्वास्थ्य कर्मियों को टीकाकरण

जिले में 235 स्वास्थ्य कर्मियों को टीकाकरण

पीएचसी रौड़ा में कोविड वैक्सीन ड्राई रन के दौरान टीकाकरण करती स्वास्थ्य कर्मी।
– फोटो : BILASPUR

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बिलासपुर। जिले में कोविड-19 टीकाकरण के लिए 47 स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों में ड्राई रन किया गया। हर बूथ पर 5-5 लोगों की टीम तैनात रही। जिले में कुल 235 स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि प्रवेश द्वार पर एक वैक्सीनेशन अधिकार, होमगार्ड/पुलिस का एक सदस्य तैनात रहा। पहचान पत्र की जांच करके रोगी को वेटिंग रूम में 2 गज की दूरी पर बारी का इंतजार करने को बैठाया गया। बारी-बारी से कमरे में टीकाकरण के लिए भेजा गया। जहां दूसरे वैक्सीनेशन ऑफिसर ने कोविड ऐप पर उसकी पूरी जानकारी अपलोड की। जानकारी सही पाए जाने पर उसे वैक्सीनेटर ऑफिसर के पास टीकाकरण के लिए भेजा गया। जहां पर वैक्सीनेटर ऑफिसर ने कोविड-19 का टीका लगाया। उसे टीके के बारे में पूरी जानकारी दी। इसके बाद निगरानी रूम में भेज दिया गया। जहां उसे आधे घंटे के लिए वैक्सीनेशन ऑफिसर की निगरानी में रखा गया। उन्होंने बताया कि प्रतिकूल प्रभाव (एडबरस इफेक्ट) न होने के कारण उनको भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि उसके बाद चौथे वैक्सीनेशन ऑफिसर ने टीके की दूसरी प्रक्रिया की जानकारी और उचित सलाह दी।
उन्होंने बताया कि इस दौरान 5-5 हेल्थ केयर वर्कर के टीकाकरण के संबंध में ड्राई रन किया गया। प्रतिकूल प्रभाव जैसी परिस्थिति से निपटने के लिए एईएफआई कीट की व्यवस्था सभी स्थानों पर की गई थी। 108 एंबुलेंस की तैनाती भी की गई थी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला से मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, खंडों से खंड चिकित्सा अधिकारी और खंडों से पुरुष व महिला पर्यवेक्षकों ने अपने-अपने स्थानों का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग के फ्रंटलाइन वर्कर को शुरू में इस टीकाकरण अभियान में शामिल किया जाएगा। इसके बाद पुलिस व अन्य विभागों के फ्रंट लाइन वर्कर का टीकाकरण होगा। बाद में सरकार के आदेशों के अनुसार टीकाकरण अभियान को अंजाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर कोविड टीकाकरण के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बिलासपुर। जिले में कोविड-19 टीकाकरण के लिए 47 स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों में ड्राई रन किया गया। हर बूथ पर 5-5 लोगों की टीम तैनात रही। जिले में कुल 235 स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि प्रवेश द्वार पर एक वैक्सीनेशन अधिकार, होमगार्ड/पुलिस का एक सदस्य तैनात रहा। पहचान पत्र की जांच करके रोगी को वेटिंग रूम में 2 गज की दूरी पर बारी का इंतजार करने को बैठाया गया। बारी-बारी से कमरे में टीकाकरण के लिए भेजा गया। जहां दूसरे वैक्सीनेशन ऑफिसर ने कोविड ऐप पर उसकी पूरी जानकारी अपलोड की। जानकारी सही पाए जाने पर उसे वैक्सीनेटर ऑफिसर के पास टीकाकरण के लिए भेजा गया। जहां पर वैक्सीनेटर ऑफिसर ने कोविड-19 का टीका लगाया। उसे टीके के बारे में पूरी जानकारी दी। इसके बाद निगरानी रूम में भेज दिया गया। जहां उसे आधे घंटे के लिए वैक्सीनेशन ऑफिसर की निगरानी में रखा गया। उन्होंने बताया कि प्रतिकूल प्रभाव (एडबरस इफेक्ट) न होने के कारण उनको भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि उसके बाद चौथे वैक्सीनेशन ऑफिसर ने टीके की दूसरी प्रक्रिया की जानकारी और उचित सलाह दी।

उन्होंने बताया कि इस दौरान 5-5 हेल्थ केयर वर्कर के टीकाकरण के संबंध में ड्राई रन किया गया। प्रतिकूल प्रभाव जैसी परिस्थिति से निपटने के लिए एईएफआई कीट की व्यवस्था सभी स्थानों पर की गई थी। 108 एंबुलेंस की तैनाती भी की गई थी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला से मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, खंडों से खंड चिकित्सा अधिकारी और खंडों से पुरुष व महिला पर्यवेक्षकों ने अपने-अपने स्थानों का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग के फ्रंटलाइन वर्कर को शुरू में इस टीकाकरण अभियान में शामिल किया जाएगा। इसके बाद पुलिस व अन्य विभागों के फ्रंट लाइन वर्कर का टीकाकरण होगा। बाद में सरकार के आदेशों के अनुसार टीकाकरण अभियान को अंजाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर कोविड टीकाकरण के लिए पूरी तरह से तैयार है।



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I am a doctor from Himachal. settled outside Himachal and hungry for news about Himachal.