//रेहड़ी-फड़ी से भरे नॉन वेज मोमो के सैंपल

रेहड़ी-फड़ी से भरे नॉन वेज मोमो के सैंपल

फूड सेफ्टी ऑफिसर सचिन बिलासपुर में मोमोज का सैंपल एकत्रित करते हुए।
– फोटो : BILASPUR

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बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर के फूड एंड सेफ्टी विंग ने शहर की दुकानों का निरीक्षण करना शुरू कर दिया है। फूड एंड सेफ्टी विंग ने शहर में नॉन वेज खाद्य पदार्थ बेचने वाली रेहड़ी-फड़ी में दबिश दी। उन्होंने नॉन वैज मोमोज के सैंपल भी भरे हैं। साथ ही फूड लाइसेंस भी जांचा।
सभी खाद्य पदार्थों की जांच की साथ ही दुकानदार को हिदायत दी गई कि खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं होनी चाहिए। फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर सचिन ने बताया कि सैंपल को जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गौरतलब है कि बिलासपुर में लगातार फूड एंड सेफ्टी विंग दुकानों का निरीक्षण कर रहा है। अगर कहीं मिलावट या कोई पदार्थ संदिग्ध पाया जाता है तो मौके पर ही सैंपल भरे जा रहे हैं। त्योहारी सीजन में विभाग ने तीन दर्जन से अधिक सैंपल एकत्रित किए हैं। इनकी रिपोर्ट अभी आनी है। अधिकारी ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से भी आग्रह किया है कि अगर क्षेत्र में मिठाई सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की जा रही है तो इसकी जानकारी विभाग को दें।
बताते चलें कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए बिलासपुर के सहायक आयुक्त महेश कश्यप अपनी टीम के साथ जिलाभर की दुकानों का निरीक्षण करते रहते हैं। अगर कहीं भी कोई मिलावट या फिर गंदगी पाई जाती है तो मौके पर भी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सैंपल रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाती है। सैंपल फेल पाया जाता है तो पहले चरण में दुकानदार सहित निर्माणाधीन कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाता है। इसके बाद दुकानदार सहित कंपनी को जुर्माना लगाने का प्रावधान रहता हैै।
इनसेट
फूड एंड सेफ्टी सहायक आयुक्त महेश कश्यप ने बताया कि खाद्य पदार्थ बेचने वाली दुकानों में अगर गंदगी भी पाई जाती है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने फास्ट फूड बेचने वालों से अपील की है कि किचन को साफ-सुथरा रखें। दुकान में कार्य करने वालों का मेडिकल करवाना भी अनिवार्य है। सभी की जानकारी विभाग के पास होनी जरूरी है।
बॉक्स
फूड सेफ्टी ऑफिसर सचिन ने बताया कि मोमोज का सैंपल लिया गया है। सैंपल को जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर के फूड एंड सेफ्टी विंग ने शहर की दुकानों का निरीक्षण करना शुरू कर दिया है। फूड एंड सेफ्टी विंग ने शहर में नॉन वेज खाद्य पदार्थ बेचने वाली रेहड़ी-फड़ी में दबिश दी। उन्होंने नॉन वैज मोमोज के सैंपल भी भरे हैं। साथ ही फूड लाइसेंस भी जांचा।

सभी खाद्य पदार्थों की जांच की साथ ही दुकानदार को हिदायत दी गई कि खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं होनी चाहिए। फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर सचिन ने बताया कि सैंपल को जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

गौरतलब है कि बिलासपुर में लगातार फूड एंड सेफ्टी विंग दुकानों का निरीक्षण कर रहा है। अगर कहीं मिलावट या कोई पदार्थ संदिग्ध पाया जाता है तो मौके पर ही सैंपल भरे जा रहे हैं। त्योहारी सीजन में विभाग ने तीन दर्जन से अधिक सैंपल एकत्रित किए हैं। इनकी रिपोर्ट अभी आनी है। अधिकारी ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से भी आग्रह किया है कि अगर क्षेत्र में मिठाई सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की जा रही है तो इसकी जानकारी विभाग को दें।

बताते चलें कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए बिलासपुर के सहायक आयुक्त महेश कश्यप अपनी टीम के साथ जिलाभर की दुकानों का निरीक्षण करते रहते हैं। अगर कहीं भी कोई मिलावट या फिर गंदगी पाई जाती है तो मौके पर भी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सैंपल रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाती है। सैंपल फेल पाया जाता है तो पहले चरण में दुकानदार सहित निर्माणाधीन कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाता है। इसके बाद दुकानदार सहित कंपनी को जुर्माना लगाने का प्रावधान रहता हैै।

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फूड एंड सेफ्टी सहायक आयुक्त महेश कश्यप ने बताया कि खाद्य पदार्थ बेचने वाली दुकानों में अगर गंदगी भी पाई जाती है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने फास्ट फूड बेचने वालों से अपील की है कि किचन को साफ-सुथरा रखें। दुकान में कार्य करने वालों का मेडिकल करवाना भी अनिवार्य है। सभी की जानकारी विभाग के पास होनी जरूरी है।

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फूड सेफ्टी ऑफिसर सचिन ने बताया कि मोमोज का सैंपल लिया गया है। सैंपल को जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



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I am a doctor from Himachal. settled outside Himachal and hungry for news about Himachal.