//जुखाला में किसान आंदोलन के समर्थन में धरना 15वें दिन भी जारी

जुखाला में किसान आंदोलन के समर्थन में धरना 15वें दिन भी जारी

किसानों के समर्थन में धरने पर बैठे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य।

किसानों के समर्थन में धरने पर बैठे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य।
– फोटो : BILASPUR

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बिलासपुर। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के जुखाला में ट्रांसमिशन लाइन प्रभावितों एवं विस्थापितों का धरना 15वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को जिला कुल्लू के तलाड़ा, मंडी की सराज, नाचन विधानसभा के गोहर व सियांज के साथ-साथ लगभग 8 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभावित किसानों ने आंदोलन में पहुंचकर अपना समर्थन दिया। कहा कि अगर कृषि कानूनों को खारिज नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।
राष्ट्रीय किसान आंदोलन की समन्वय समिति के राष्ट्रीय संयोजक एवं भारतीय किसान यूनियन गैर राजनीतिक के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह, पंजाब से आए किसान नेता स्वरूप सिंह और हरियाणा से आए किसान नेता महेंद्र सिंह राणा ने हिमाचल प्रदेश के किसानों को संबोधित किया। युद्धवीर सिंह ने कहा कि मंडी सुधार की बात जो कि कृषि कानूनों को पिछले दरवाजे से बिना चर्चा के पारित कर की जा रही है, उससे किसानों को कोई भी फायदा होने वाला नहीं है, क्योंकि यह पुराने पंजाब में बनाया गया था। मंडी में जाकर सभी किसान इकट्ठा होकर व्यापारी व आढ़ती के शोषण के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करते थे लेकिन अब इस कानून के अंतर्गत कोई भी व्यापारी बाहर से आएगा और अकेले-अकेले किसान को लूटेगा। इस अवसर पर मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं भारतीय किसान यूनियन के हिमाचल संयोजक रजनीश शर्मा ने किसानों को संबोधित किया। धरने पर अनंता ठाकुर, सुनीता देवी, राखी ठाकुर, फूला देवी, शर्मिला देवी, समीक्षा देवी बैठीं।

बिलासपुर। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के जुखाला में ट्रांसमिशन लाइन प्रभावितों एवं विस्थापितों का धरना 15वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को जिला कुल्लू के तलाड़ा, मंडी की सराज, नाचन विधानसभा के गोहर व सियांज के साथ-साथ लगभग 8 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभावित किसानों ने आंदोलन में पहुंचकर अपना समर्थन दिया। कहा कि अगर कृषि कानूनों को खारिज नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।

राष्ट्रीय किसान आंदोलन की समन्वय समिति के राष्ट्रीय संयोजक एवं भारतीय किसान यूनियन गैर राजनीतिक के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह, पंजाब से आए किसान नेता स्वरूप सिंह और हरियाणा से आए किसान नेता महेंद्र सिंह राणा ने हिमाचल प्रदेश के किसानों को संबोधित किया। युद्धवीर सिंह ने कहा कि मंडी सुधार की बात जो कि कृषि कानूनों को पिछले दरवाजे से बिना चर्चा के पारित कर की जा रही है, उससे किसानों को कोई भी फायदा होने वाला नहीं है, क्योंकि यह पुराने पंजाब में बनाया गया था। मंडी में जाकर सभी किसान इकट्ठा होकर व्यापारी व आढ़ती के शोषण के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करते थे लेकिन अब इस कानून के अंतर्गत कोई भी व्यापारी बाहर से आएगा और अकेले-अकेले किसान को लूटेगा। इस अवसर पर मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं भारतीय किसान यूनियन के हिमाचल संयोजक रजनीश शर्मा ने किसानों को संबोधित किया। धरने पर अनंता ठाकुर, सुनीता देवी, राखी ठाकुर, फूला देवी, शर्मिला देवी, समीक्षा देवी बैठीं।



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I am a doctor from Himachal. settled outside Himachal and hungry for news about Himachal.